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स्वस्थ्य मां से स्वस्थ्य शिशु का जन्म

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पटना 12 सितंबर। मां का दूध जीवन का अभिन्न हिस्सा है। इससे मनुष्य का अस्तित्व जुड़ा हुआ है। स्वस्थ मां से स्वस्थ शिशु का जन्म होगा और स्वस्थ शिशु से ही एक स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण संभव है। यह बातें रीजनल आउटरीच ब्यूरो (आरओबी), पटना द्वारा आयोजित वेब गोष्ठी के अध्यक्षीय भाषण के दौरान आरओबी एवं पीआईबी, पटना के अपर महानिदेशक एसके मालवीय ने कही। “जन आंदोलन से सही पोषण, सही पोषण से देश रोशन” विषय पर आधारित वेब गोष्ठी को संबोधित करते हुए श्री मालवीय ने कहा कि हमें पोषण वाटिका के सिद्धांत को अधिक से अधिक प्रमोट करने की आवश्यकता है। इसकी महत्ता को लेकर माननीय प्रधानमंत्री महोदय ने भी मन की बात में लोगों को बताया है। उन्होंने कहा कि हमें जैविक खेती पर भी अधिक महत्व देना चाहिए। जैविक खेती से हमें ज्यादा से ज्यादा पोषक तत्वों की प्राप्ति होगी, जो पोषण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

वेब गोष्ठी के संयोजक एवं आरओबी, पटना के निदेशक विजय कुमार ने कहा कि सरकार की विभिन्न प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को इस करोना काल में वेब गोष्ठी जैसे माध्यमों का इस्तेमाल कर वर्चुअल प्लेटफार्म से लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने पोषण से जुड़े विभाग द्वारा पूर्व में किए गए कार्यों की चित्र प्रदर्शनी प्रदर्शित की।

अतिथि वक्ता के रूप में शामिल दूरदर्शन समाचार, पटना की उपनिदेशक श्वेता सिंह ने कहा कि देश के विकास में पोषण एक अपरिहार्य अव्यय है। उन्होंने कहा कि पहले हजार दिन पोषण युक्त भोजन किसी भी बच्चे के विकास के लिए बेहद जरूरी है।  वेब गोष्ठी में विषय प्रवेश करते हुए तथा पोषण जागरूकता में मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि पोषण माह मनाने के लिए डिजिटल प्लेटफार्मों का उपयोग करना चाहिए। जीवन में पोषण के महत्व के बारे में ज्ञान बढ़ाने तथा सूचनाओं का प्रसार करने के लिए सोशल मीडिया, ऑनलाइन गतिविधियों, पॉडकास्ट सरीखे माध्यमों का उपयोग बेहद ही सार्थक हो सकता है। 

अतिथि वक्ता के रूप में शामिल यूनिसेफ की पोषण विशेषज्ञ डॉक्टर शिवानी धार ने नवजात एवं शिशु आहार के बारे में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मां के दूध के महत्व पर विशेष रुप से बल देते हुए कहा कि मां का दूध बच्चों के लिए सर्वोत्तम आहार है। स्तनपान की महत्ता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि स्तनपान से शिशु को सही पोषक तत्व, पचाने योग्य क्षमता विकसित करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने, संक्रमण से बचाने, मस्तिष्क विकास, नेत्र ज्योति को बढ़ाने, हाइपोथर्मिया से रोकने, पीलिया से रोकने आदि में बेहद मददगार है।

वेब गोष्ठी में बेगूसराय की जिला परियोजना पदाधिकारी रचना सिन्हा ने गर्भवती महिलाओं की पोषण आवश्यकतों पर बल देते हुए कहा कि बच्चों का पोषण मां के गर्भ से ही शुरू हो जाता है, इसलिए गर्भवती माताओं को गर्भावस्था के दौरान अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। साथ ही घर के पुरुष या बड़े बुजुर्ग की भी जिम्मेवारी बनती है कि वह गर्भवती माताओं के पोषण और उनके खानपान पर ध्यान दें। उन्होंने बेगूसराय जिला में बाल विकास परियोजना कार्यालय द्वारा चल रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। वहीं मुंगेर ग्रामीण एवं जमालपुर की बाल विकास परियोजना सुश्री सुष्मिता ने किशोरियों की स्वास्थ्य और उनकी आवश्यकताएं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किशोरी बालिकाओं को आयरन की गोलियां नियमित रूप से लेनी चाहिए और साफ सफाई और पोषण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। 

इस अवसर पर पूर्व में आयोजित पोषण विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले मुंगेर के छात्र छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। पोषण पेंटिंग की जांच कर रहे दूरदर्शन समाचार, पटना के सहायक निदेशक सलमान हैदर ने कहा कि बच्चों द्वारा बनाई गई पोषण विषय पर पेंटिंग उत्कृष्ट कोटि की है। सफल प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना प्राप्त प्रतिभागियों को सीडीपीओ मुंगेर द्वारा फील्ड आउटरीच ब्यूरो, मुंगेर के सहयोग से पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

वेब गोष्ठी में फील्ड आउटरीच ब्यूरो बिहार-झारखंड, पत्र सूचना कार्यालय पटना, बाल विकास परियोजना कार्यालय बेगूसराय मुंगेर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित आम जनता ने भी हिस्सा लिया।

वेब गोष्ठी का संचालन आरओबी पटना के क्षेत्रीय प्रचार सहायक अमरेंद्र मोहन ने तथा धन्यवाद ज्ञापन एफओबी मुंगेर के क्षेत्रीय प्रचार सहायक सुदर्शन किशोर झा ने किया।

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