Home Big Grid 12 बाढ़ग्रस्त जिले में एनडीआरएफ की 21 टीम तैनात

12 बाढ़ग्रस्त जिले में एनडीआरएफ की 21 टीम तैनात

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पटना.​बिहार में सबसे ज्यादा बाढ़ग्रस्त 12 जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 21 टीमों को तैनात किया गया है। बाढ़ से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 4 टीमें सारण में, 3 टीमें गोपालगंज में, 3 टीमें पूर्वी चंपारण में, 2 टीमें दरभंगा में, 2 टीमें सुपौल में, 1 टीम पश्चिम चंपारण में, 1 टीम मुजफ्फरपुर में, 1 टीम सीवान में, 1 टीम मधुबनी में, 1 टीम अररिया में, 1 टीम कटिहार में और 1 टीम किशनगंज में मौजूद हैं।

​बिहटा की 9वीं वाहिनी एनडीआरएफ के कमांडेंट विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की मांग पर 9वीं वाहिनी एनडीआरएफ की कुल 16 टीमों को बिहार के 11 जिलों- पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, सारण, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, अररिया, कटिहार और किशनगंज में तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की टीमों ने अभी तक सारण, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और सुपौल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 8,600 से अधिक लोगों को सुरक्षिता निकाला है। इसके अलावा, एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से 71 पीड़ितों को सुरक्षित तरीके से निकाला है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के बीच राहत सामग्री पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन की भी सहायता कर रही हैं और साथ ही बचाव नौकाओं की मदद से दूर-दराज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक राज्य की मेडिकल टीमों कों पहुंचाने में भी सहयोग कर रही हैं।

​एनडीआरएफ के बचाव दलों ने “सेविंग लाइव्स एंड बियॉन्ड ‘के आदर्श वाक्य को पूरा करते हुए, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सैकड़ों मवेशियों को भी बचाया है। एनडीआरएफ के बचाव दल दिन-रात बचाव अभियान चला रहे हैं। श्री सिन्हा ने एक घटना का हवाला देते हुए कहा कि 9वीं वाहिनी एनडीआरएफ के बचाव दल ने जिला प्रशासन दरभंगा के समन्वित प्रयास से 30-31 जुलाई, 2020 की मध्यरात्रि को एक बचाव अभियान चलाया था, जिसमें टीम ने एक गर्भवती महिला-काजल मिश्रा (24 वर्ष) (पति-विकास मिश्रा) सहित परिवार के अन्य सदस्यों को बागमती नदी से प्रभावित बाढ़ग्रस्त गांव पंचोभ, जोकि दरभंगा जिला के हनुमान नगर ब्लॉक के वार्ड-8 में स्थित है, से मध्यरात्रि 01:20 बजे सुरक्षित निकाला था। एनडीआरएफ के बचावकर्मी अंधेरी रात में लगभग 10 किमी तक बचाव नौका से उस बाढ़ प्रभावित गांव में पहुंचे थे। बचाव अभियान के बाद एनडीआरएफ की टीम ने गर्भवती महिला एवं उनके परिवार को चिकित्सीय देखभाल के लिए पीएचसी, हनुमान नगर, दरभंगा में पहुंचाया।

​श्री सिन्हा ने बाढ़ प्रभावित लोगों को सलाह देता हुए कहा है कि वे दर और जल्दबाजी के कारण अपने परिजनों की जान जोखिम में न डालें। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखें तथा सहायता के लिए स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ, पुलिस या अन्य सहायता टीमों से संपर्क बनाए रखें। एनडीआरएफ बचाव दल आपदा में लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं.

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