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पुर्नवास के लिए प्रयासों की आवश्यकता है

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धारा 370 हटाई गई, अब कश्मीरी हिन्दुओं के पुनर्वास के लिए प्रयासों की आवश्यकता है  – राहुल कौल

 BDN. Desk. जम्मू और कश्मीर की समस्या का समाधान करने के लिए, केंद्र सरकार ने धारा 370 और 35 (अ) को हटाकर इतिहास बनाया है; लेकिन केवल इतने से संतुष्ट ना रहकर, आगे बढकर कश्मीर में जिहादी आतंकवाद की समस्या को जड से हल करना आवश्यक है । इसके लिए सरकार को इस तथ्य को स्वीकार करना चाहिए कि ‘जिहादी आतंकवादी कश्मीरी हिन्दुओं का सुनियोजित ढंग से ‘वंशविच्छेद’ कर रहे थे ।’ इस विषय पर संसद में चर्चा होनी चाहिए और इसके अनुसार आगे के लक्ष्यों को लागू किया जाना चाहिए । कश्मीरी हिन्दुओं के पुनर्वास के लिए ‘पनून कश्मीर’ नामक एक केंद्र शासित प्रदेश बनाकर वहां हिन्दुओं को बसाकर ही हिन्दुओं का सुरक्षित पुनर्वास संभव है, ऐसा प्रतिपादन ‘यूथ फॉर पनून कश्मीर’ के राष्ट्रीय समन्वयक  राहुल कौल द्वारा किया गया ।

वे हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित ‘चर्चा हिन्दू राष्ट्र की’ शीर्षक से एक ऑनलाइन चर्चासत्र में बोल रहे थे । ‘एक्कजुट्ट जम्मू’ के अध्यक्ष अधिवक्ता अंकुर शर्मा, ‘अपवर्ड’ तथा ‘प्रग्यता’ संगठनों के सहसंस्थापक श्री. आशीष धर और हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे इस सत्र में सम्मिलित हुए । इस कार्यक्रम का फेसबूक और यू ट्यूब द्वारा सीधा प्रसारण किया गया  ।  जारी विज्ञप्ति में दावा किया गया कि इसे 47 हजार लोगों ने लाइव देखा, जबकि फेसबूक के माध्यम से 1 लाख 15 हजार लोगों तक यह विषय पहुंचा ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए  आशीष धर ने कहा, भले ही सरकार पुनर्वास के लिए हिन्दुओं को ‘पैकेज’ दे रही है, परंतु यह समस्या का वास्तविक हल नहीं है । हमें कश्मीर इस कारण नहीं छोड़ना पड़ा कि हमारे पास कश्मीर में कोई नौकरी नहीं थी अथवा कोई जमीन नहीं था; हमें जिहादी आतंकवाद के कारण कश्मीर छोडना पडा । आज भी कश्मीर लौट रहे हिन्दुओं की हत्या की जा रही है । ‘अजय पंडिता’ इसका एक ताजा उदाहरण है । ऐसी स्थिति में कश्मीरी हिन्दू वहां कैसे लौट सकते हैं ?

अधिवक्ता अंकुर शर्मा ने कहा कि, जिहादी समूह अभी भी कश्मीर में काम कर रहे हैं । जम्मू-कश्मीर में अरबों रुपयों का बैंक घोटाला इस आरोप के साथ उजागर हुआ है कि, धन का उपयोग आतंकवादियों के लिए भी किया गया था । जम्मू के लोग देशभक्त हैं, परंतु उनकी अनदेखी कर कश्मीर स्थित राष्ट्र विरोधी तत्वों को ही विभिन्न अनुदान दिए जा रहे हैं । इसीलिए राज्य के मुख्य सत्ताकेंद्र को कश्मीर से जम्मू में स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए और हिन्दुओं के साथ-साथ भारतीय सैनिकों को मारने वाले अपराधियों को जेल भेजा जाना चाहिए, तभी राज्य की स्थिति में सुधार हो सकता है ।

. रमेश शिंदे ने कहा कि, ‘कश्मीर समस्या’ केवल कश्मीरी हिन्दुओं की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे भारत की समस्या है । इसे ध्यान में रखकर इस का प्रतिकार नहीं करने के कारण, कश्मीर से शुरू हुआ जिहादी आतंकवाद पूरे देश में फैल गया है और इसने ‘मेवात’, ‘कैराना’, ‘बंगाल’ और ‘केरल’ जैसे कई स्थानों पर कई छोटे और बड़े कश्मीर का निर्माण किया है । महबूबा मुफ्ती सरकार ने उन रोहिंग्या मुसलमानों के लिए एक समझौता किया जिन्होंने अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया है और उन्होंने ‘बर्मा बाजार’ नाम से एक बाजार शुरू किया है । इसी मानवता का उपयोग कश्मीरी हिन्दुओं के पुनर्वास के लिए क्यों नहीं किया जाता है ? एक ‘धर्मनिरपेक्ष’ देश में हिन्दुओं के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है ? इसे रोकने और हिन्दुओं को न्याय दिलाने के लिए हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के अलावा कोई विकल्प नहीं है.

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