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मुंगेर विश्वविद्यालय में खेलकूद व मानव व्यवहार की होगी पढ़ायी

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बीडीएन डेस्क

राज्य में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय और पूर्णिया विश्वविद्यालय के बाद नव सृजित मुंगेर विश्वविद्यालय में भी शैक्षणिक गतिविधियां आरंभ हो गयी हैं. मुंगेर विश्वविद्यालय में अन्य विषयों के साथ–साथ तकनीक, खेलकूद, मानव व्यवहार जैसे विषयों की पढ़ायी होगी. विश्वविद्यालय में ऐसी पढ़ाई की व्यवस्था हो कि पढ़ने वाले का जीवन बेहतर हो सके. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को इस विश्वविद्यालय का उद्घाटन करते हुए कहा कि मुंगेर विश्वविद्यालय चरित्र निर्माण के साथ ज्ञान का केंद्र बने. उन्होंने कहा कि सरकार कॉलेजों की ऑटोनॉ्मी (स्वायत्तता) की ओर ले जाने के लिए प्रयास कर रही हैं. सरकार विश्वविद्यालयों की ऑटोनॉमी में हस्तक्षेप नहीं करती. इस मामले में सरकार विश्वविद्यालयों को सुझाव देने की स्थिति में रहती है.

गांधी जी के सात पापों का होगा लेखन
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी ने पर्यावरण के प्रति सचेत करते हुए कहा था कि पृथ्वी लोगों की जरुरतों को पूरा कर सकती है, लोगों के लालच को नहीं. गांधी जी ने ही सात सामाजिक पापों की चर्चा की थी. इसके बारे में उन्होंने कहा था कि सिद्धांत के बिना राजनीति, काम के बिना धनार्जन, विवेक के बिना सुख, चरित्र के बिना ज्ञान, नैतिकता के बिना व्यापार, मानवता के बिना विज्ञान और त्याग के बिना पूजा सामाजिक पाप है.गांधी जी के सात सामाजिक पाप और पर्यावरणीय संदेश को सभी सरकारी संस्थानों एवं विद्यालयों में अंकित करवाया जा रहा है. इससे लोगों को प्रेरणा मिलेगी. उन्होंने कहा कि 10 प्रतिशत लोग भी अगर इससे प्रेरित हो जायेंगे तो समाज बदल जायेगा.

मुंगेर विवि के प्रशासनिक भवन का किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को मुंगेर स्थित राजा देवकी नंदन एंड डायमंड जुबली कॉलेज परिसर में मुंगेर विश्वविद्यालय के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन के शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई संस्थानों का निर्माण कराया जा रहा है. बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज को अपग्रेड कर एनआईटी बनाया गया. आईआईटी एवं निफ्ट की स्थापना की गयी. बीआईटी मेसरा का ब्रांच खुला. इसके लिये जमीन उपलब्ध करायी एवं राशि का भी सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि आर्यभट्ट की कर्मभूमि पटना के आस पास ही रही है. उन्होंने शून्य का आविष्कार किया, उन्होंने ही पृथ्वी के व्यास को बताया था. उनके नाम पर आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी. यह अपने आप में विशिष्ट विश्वविद्यालय है. यहां मेडिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ–साथ नैनो साइंस टेक्नोलॉजी, स्कूल अॉफ इकोनॉमिक्स, इन्वॉयरमेंट साइंस, रीवर स्टडी सिस्ट्म, ज्योग्राफिक्ल स्टडी सेंटर, मास कम्युनिकेशन एवं एस्ट्रोनॉमी का भी अध्ययन होगा. नॉलेज के व्यापक स्वरुप को यहां स्थापित करना होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनवाया गया. सबौर कृषि विश्वविद्यालय, पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी. नालंदा विश्वविद्यालय का फिर से रिवाइवल कराया जा रहा है, जो सुपर इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के रुप में उभरेगा. यह फिर से ज्ञान का केंद्र बनेगा. बिक्रमशिला विश्वविद्यालय को फिर से स्थापित किया जाना है.

स्मारिका का किया गया विमोचन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्मारिका का भी विमोचन किया. मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की वेबसाइट की लांचिंग तीय ने विश्वविद्यालय के नवनिर्मित भवन का भी निरीक्षण किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रंजीत कुमार वर्मा ने की. कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, मुंगेर जिले के प्रभारी मंत्री सह उद्योग तथा विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री जय कुमार सिंह ने भी संबोधित किया.

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