Home Bihar मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग की चार योजनाओं का किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग की चार योजनाओं का किया शिलान्यास

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बीडीएन डेस्क

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को खगड़िया जिला के चौथम प्रखंड के सोनबरसा घाट मैदान में बाढ़ प्रबंधन तथा राज्य योजनान्तर्गत तटबंध पक्कीकरण योजना के तहत चार योजनाओं का रिमोट के माध्यम से शिलान्यास किया। आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया है, वह एक साल में यानी मार्च 2019 तक पूरा कर लिया जाएगा। बदलाघाट नगरपाड़ा तटबंध के सुदृढ़ीकरण, ऊॅचीकरण एवं पक्कीकरण कार्य से तटबंध का निरीक्षण आसान होगा और कटाव की निगरानी के साथ-साथ बाढ़ राहत सामग्रियों को उचित स्थान पर पहुंचाने में सहूलियत होगी। इसके साथ ही आवागमन भी आसान होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के समय पर पूरा हो जाने के बाद गोगरी एवं चौथम प्रखंड के 23 गांवों की लगभग 3,60,000 की आबादी को बाढ़ से सुरक्षा के साथ-साथ प्रखंड मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय के बीच आने-जाने की सुविधा मिलेगी और 50,000 हेक्टेयर क्षेत्र सुरक्षित हो जाएगा। इसकी कितनी आवश्यकता थी,लोगों की इतनी संख्या में उपस्थिति से अंदाजा लगाया जा सकता है। मुझे पूरा विश्वास है कि समय पर यह काम पूरा हो जाएगा। सिंचाई विभाग का काम समय पर होने लगा है। बागमती से संबंधित एक अन्य योजना जिसके एक अंश का आज शिलान्यास हुआ है, वहॉ जो सबसे बड़ी समस्या थी, वो ये कि जल संसाधन विभाग का ज्यादातर समय बाढ़ नियंत्रण के काम में ही व्यतीत होता था। बाढ़ नियंत्रण के साथ-साथ सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना भी जल संसाधन विभाग का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस इलाके में सिंचाई की सुविधा नहीं है और जहां नहरों के माध्यम से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करायी जा सकती है वैसी योजनाओं को बनाना और उसको पूरा करके लोगों को लाभ पहुंचाया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2007 में बाढ़ से 22 जिले प्रभावित हुये थे और हमने दरभंगा से अपनी यात्रा शुरु की थी। उसके बाद हम खगड़िया आए थे। हमलोगों ने यहां बाढ़ की आशंका जतायी और बाढ़ जब आयी तो खगड़िया में सबसे ज्यादा दिनों तक बाढ़ का पानी रहा। इसी प्रकार से जहां कहीं भी बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र हैं, वहॉ बचाव के काम करने पड़ते हैं। जब भी कभी बाढ़ आती है इस प्रकार की तो आपदा प्रबंधन विभाग जितनी जल्दी संभव है, उतनी जल्दी लोगों के बीच राहत पहुंचाने का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये तो हम दावा कर ही नहीं सकते की बाढ़ को पूरी तरह से हम नियंत्रित कर लेंगे। इसका दावा कोई इंसान नहीं कर सकता ये तो कुदरती चीज है और हम यह प्रयास कर सकते हैं कि इसका प्रभाव कम से कम हो, उसका असर कम से कम पड़े। इसके लिए अनेक प्रकार की योजनाओं पर काम करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग अब बहुत तेजी से बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई के क्षेत्रों में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ योजनाओं के साथ-साथ सिंचाई का काम भी तेजी से हो रहा है। इसके लिए जल संसाधन विभाग को बधाई देता हूॅ। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम समीक्षा यात्रा पर निकले थे तो विधायकों, जिला पार्षदों और जन प्रतिनिधियों के साथ-साथ अधिकारियों के साथ बैठक करते थे। हम विधायकों से ही पूछते थे कि आपको क्या कठिनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पुल-पुलियों का जाल बिछाया। बड़ी-बड़ी नदियों कोशी, सोन, गंगा, बागमती, बूढ़ी गंडक पर पुल बनाए और भी कई पुलों का निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य न्याय के साथ विकास है और उस विकास को जन-जन तक पहुंचाना है। सड़कों का जाल बिछाया गया है।

सात निश्चय योजना के अंतर्गत जो गांव के बचे हुए टोले, सड़कों से नहीं जुड़ पाए हैं, उन्हें टोला संपर्क निश्चय योजना के तहत सड़क से जोड़ दिया जाएगा। हर गांव में नल का जल पहुंचाया जा रहा है। पक्की गली और नाली का निर्माण किया जा रहा है। इन सब कामों को चार साल के अंदर वार्ड वाइज पूरा करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुद्ध पेयजल का प्रबंध लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग एवं पंचायतों के माध्यम से किया जा रहा है। शौचालय का निर्माण एक राष्ट्रीय योजना है, हमारे यहां भी 50 फीसदी से ज्यादा शौचालय का निर्माण हो चुका है। उन्होंने कहा कि अगर आज पीने का स्वच्छ पानी और खुले में शौच से मुक्ति मिल जाए तो होने वाली 90 फीसदी बीमारियों से निजात मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में हमलोग भी लगे हुए हैं। आप लोगों से भी इसकी अपील करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गांव तक बिजली पहुंचा दी गई है, जो टोले बचे रह गए हैं, वहां अप्रैल माह तक बिजली पहुंच जाएगी और इस साल के अंत तक हर घर तक हर इच्छुक व्यक्ति तक बिजली का कनेक्शन पहुंचा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नर-नारी समानता के लिए काम किया जा रहा है। नारी सशक्तिकरण के लिए पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये साइकिल और पोशाक योजना चलायी गई। 8 लाख स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया और इसे 10 लाख करने का लक्ष्य है। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं में जागरुकता आयी है, आत्म विश्वास पैदा हुआ है और अपने परिवार के लिए वे आर्थिक उपार्जन कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने महिलाओं की मांग पर ही शराबबंदी लागू की और इससे समाज में बड़ा परिवर्तन आया है। कुछ गड़बड़ी करने वाले लोग हैं, इसके लिए आप लोग सजग और सचेत रहिए। बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ हमलोगों ने अभियान चलाया। बाल विवाह के चलते कम उम्र में प्रसव धारण करने से महिलायें मौत की शिकार होती हैं, जो बच्चे पैदा होते हैं, वे मंदबुद्धि और बौनेपन के शिकार होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य सामाजिक कुरीतियों की समाप्ति के साथ-साथ घर-घर तक विकास को पहुंचाना है। हम क्षेत्र में घूमते रहते हैं और लोगों का मन भांपकर उनकी जरुरतों के मुताबिक काम करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हम सेवा भाव से काम करते हैं और आगे भी करते रहेंगे। जो भी संभव है, उसका लाभ जन-जन तक पहुंचाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन योजनाओं का शिलान्यास हुआ है, उससे लोगों को बड़ा लाभ होगा। किसानों की आमदनी बढ़ेगी, सिंचाई एंव बाढ़ नियंत्रण हमारे कृषि रोड मैप का लक्ष्य है। सभा को जल संसाधन तथा योजना एवं विकास विभाग के मंत्री  राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, विधायक  पन्ना लाल पटेल, विधायक श्रीमती पूनम देवी यादव, विधान पार्षद सोने लाल मेहता ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, मुंगेर प्रमंडलीय आयुक्त पंकज कुमार पाल, पुलिस महानिरीक्षक बच्चू लाल मीणा, खगड़िया के जिलाधिकारी  जय सिंह, खगड़िया की पुलिस अधीक्षक श्रीमती मीनू कुमारी, अभियंता प्रमुख, मुख्यालय  अरुण कुमार, बाढ़ क्षेत्र एवं जल निस्सरण के अभियंता  राजेश कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण, जल संसाधन विभाग के अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमलोग उपस्थित थे।

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