Home Big Grid सामाजिक चेतना के बिना नहीं मिलेगी पूरी कामयाबी ः मुख्यमंत्री

सामाजिक चेतना के बिना नहीं मिलेगी पूरी कामयाबी ः मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सामाजिक चेतना के बिना हमें पूरी तरह कामयाबी नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज बिहार में जो शराबबंदी लागू हुई है, उसका दूसरे राज्य और दूसरे देश के लोग अध्ययन करने बिहार आ रहे हैं, यह कोई मामूली बात नहीं है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे क्योंकि हमलोगों ने इसे सोच समझकर लागू किया है। 21 जनवरी 2017 को शराबबंदी और नशामुक्ति के पक्ष में बनी मानव श्रृंखला का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चार करोड़ लोगों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर एक नया रिकॉर्ड बनाया था, ऐसे में अब 21 जनवरी 2018 को एक बार फिर मानव श्रृंखला बनने वाली है जो दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ होगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा के क्रम में पूर्णिया जिले के जलालगढ़ प्रखंड के ग्राम हांसीबेगमपुर का भ्रमण कर रहे थे. उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा और बाल विवाह के लिए कानून बना हुआ है लेकिन इसके बावजूद भी ऐसी शादियॉ हो रही हैं। इसके लिए जागरूकता की ज्यादा जरूरत है।  उन्होंने कहा कि कम उम्र में शादी होने से प्रसव के दौरान अधिकांश महिलाएं मौत की शिकार हो जाती हैं या जो बच्चे पैदा होते हैं वे कई प्रकार की बीमारियों, मंदबुद्धि, बौनेपन और मानसिक बीमारियों के शिकार होते हैं। पहले दहेज प्रथा सम्पन्न लोगों में थी लेकिन अब धीरे धीरे आम लोगों में फैल गई है। लोगों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप जिस दिन दहेज का लेन देन करने वाले परिवारों के शादी समारोह में शामिल नहीं होने का मन बना लीजिएगा, उस दिन समाज से दहेज प्रथा का खात्मा हो जाएगा लेकिन इसमें किसी तरह का अपवाद नहीं होना चाहिए नहीं तो नतीजा नहीं निकलेगा। अगर आप ऐसा करते हैं तो इसका असर तुरंत देखने को मिलेगा क्योंकि दहेज लेने वाला अलग-थलग पड़ जाएगा और भांडा फूटने के डर से वह दहेज नहीं लेगा। अपराध के आकड़ों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध के मामले में पूरे देश में बिहार 22वें स्थान पर है, जबकि दहेज हत्या और दहेज उत्पीड़न के मामले में बिहार की बहुत ही खराब स्थिति है। यू0पी0 के बाद बिहार दूसरे स्थान पर है जो बहुत ही शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा और बाल विवाह से मुक्ति पाने के लिए हम सबको संकल्प लेना होगा। जनसभा में मौजूद लोगों को हाथ उठाकर मानव श्रृंखला में शामिल होने का संकल्प दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्यास्त के समय आप सबने हाथ उठाकर मानव श्रृंखला में शामिल होने का संकल्प लिया है इसलिए 21 जनवरी को उस दिन रविवार का दिन है, आप सभी एक दूसरे का हाथ पकड़कर मानव श्रृंखला में जरूर शामिल होइएगा और अपनी भावना का प्रकटीकरण कीजिएगा ताकि बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुप्रथाओं के उन्मूलन अभियान को बल मिल सके। जनसभा को जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, कला संस्कृति मंत्री  कृष्ण कुमार ऋषि, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक पीके ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, प्रधान सचिव ऊर्जा प्रत्यय अमृत, पूर्णिया कमिश्नर सुश्री टी0एन0 विन्देश्वरी, जिलाधिकारी प्रदीप कुमार झा, पुलिस अधीक्षक निशांत तिवारी सहित गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में आमलोग उपस्थित थे।

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