Home चुनाव रक्सौल नगर परिषदः उषा बनी सभापति तो काशीनाथ उपसभापति

रक्सौल नगर परिषदः उषा बनी सभापति तो काशीनाथ उपसभापति

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विजय कुमार,रक्सौल

…और अन्ततः उषा देवी रक्सौल नगर परिषद की सभापति व काशीनाथ प्रसाद उप सभापति निर्विरोध चुन लिए गए।सर्वसम्मति बनाने के लिए अबकी बार पक्ष-विपक्ष का खेमा एकजुट दिखा।महागठबंधन के साथ ही राजग गठबंधन भी दरकता नजर आया।25 नगर पार्षदोंवाली सदन में जब वोटिंग के लिए सदस्य पहुंचे,तब तक असमंजस की स्थिति रही।इस बीच अपनी स्थिति भाँपकर विपक्ष की बागडोर थामने वाली रोहिणी शाह ने अपनी दावेदारी नही पेश की और खुद भी सर्वसम्मति बनाने में सहयोगी बन गयी।इस तरह दोनों पदों का चुनाव निर्विरोध कर लिया गया।दूसरी बार उषा देवी सभापति बनी है जबकि काशीनाथ प्रसाद भी उपसभापति के पद को पहले भी सुशोभित कर चुके है।इनके अनुभवी कार्यों के प्रति निर्विरोध चिनाव हो जाने के कारण लोग काफी आशान्वित हो रहे है।दोनों को निर्वाची पदाधिकारी सह एसडीएम मनोज रजक ने पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।सुरक्षा के भी चाक चौबंद व्यवस्था के लिए डीएसपी राकेश कुमार,थानाध्यक्ष सह् इंस्पेक्टर उग्रनाथ झा बागडोर थामे रहे।हालाँकि इसमें स्थानीय कई दिग्गजों की अहम भूमिका रही।पहली बैठक हरैया स्थित प्रमोद सिन्हा के आवास पर हुई थी,तभी तय हो गया था कि उषा देवी की सरकार बन जाएगी।आंकड़े के बीच बीस पार्षदों का कुनबा आखिरकार नगर के इतिहास में निर्विरोध निर्वाचन का स्वर्णिम इतिहास रच दिया।इधर,उषा देवी के नगर सरकार बनने के बाद जश्न का माहौल है।जीत के बाद उषा देवी के पति रामनिवास भारती ने समर्थको के साथ अनुमंडल परिसर के द्वार पर दुदुंभी की ओजस्वी तान व फूल -माला,रंग गुलाल के उत्सवी माहौल में स्वागत किया।डिप्टी चैयरमैन बने काशी नाथ प्रसाद से गले मिलने व आशीर्वाद पाने की होड़ रही।

इधर,इस जश्न के साझीदार बने जद यू के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रमोद सिन्हा व कांग्रेस नेता रामबाबू यादव खेमे में ख़ुशी रही।रामबाबू यादव के साथ प्रखंड प्रमुख संजीव कुमार सिन्हा उर्फ मुन्ना सिन्हा,नगर परिषद के पूर्व उप सभापति ई जितेंद्र कुमार,समाजसेवी गुड्डू सिंह ,मनोज शर्मा ने भी जश्ने चुनाव के भागीदार बने।बधाइयां दी।उषा देवी और काशी नाथ प्रसाद ने संयुक्त रूप से कहा-‘रक्सौल को मॉडल टाउन बनाना और विकास के साथ सबका साथ सबका विकास हमारी प्राथमिकता होगी।’
इस सर्वसंभाव का साझीदार अनुमंडल परिसर का सभागार बना। जीत के लिए आश्वस्त प्रमोद सिन्हा हर्ष के माहौल तक अपने आवास पर जमे रहे।उन्होंने कहा कि हमने अपना काम कर दिया।अब कुछ करने की बारी नगर सरकार की है।तो,रामबाबू यादव ने कहा -यह जीत रक्सौल के लिए सुखद साबित होगी।हमने ऐसी बाजी जीती,जो सपने की तरह था।इस क्रम में इंजीनियर जितेंद्र के चेहरे पर सन्तोष भरा मुस्कान तैर रहा था।यह सच है कि पिछली दफे जिस जितेंद्र से दो दो हाथ के बाद उषा की सरकार चली गई थी।और रेणु गुप्ता सभापति बनी थी।इस बार उसी जितेंद्र ने अपने नाम का महत्व साबित कर दिया।उसमे उनके साथी गुड्डू सिंह व मनोज शर्मा की भूमिका अहम रही।रक्सौल के विकास के लिए उषा की दूसरी किरण क्या छंटा बिखेरती है।ये समय के गर्त में है।

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