Home Big Grid मुखिया करेंगे विकास राशि का खर्च, सरकार को झटका – कोर्ट

मुखिया करेंगे विकास राशि का खर्च, सरकार को झटका – कोर्ट

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द्विवेदी सुरेंद्र, पटना हाइकोर्ट. पंचायतों में राज्य सरकार  व 14 वें वित्त आयोग की राशि पंचायत के मुखिया (ग्राम पंचायत) के माध्यम से की जायेगी. राज्य सरकार ने वार्ड विकास समिति से विकास की राशि खर्च करने का प्रावधान किया था. बुधवार को पटना हाइकोर्ट ने राज्य सरकार के इस फैसले पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है. मुख्यमंत्री के सात निश्चय में दो निश्चय योजना हर घर नल का जल और पक्की नाली-गली योजना का क्रियान्वयन वार्ड विकास समिति नहीं करेगी. इस राशि का उपयोग अब मुखिया द्वारा किया जायेगा.

बिहार सरकार को पटना  हाई कोर्ट ने बड़ा झटका दिया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय योजना में से दो योजनाओं के कार्यान्वयन पर पटना उच्च न्यायालय ने रोक लगा दिया है। मुुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायाधीश सुधीर सिंह की खंडपीठ ने पटना जिला मुखिया संघ एवं अन्य की ओर से दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इन  सात निश्चय योजनाओं में से दो योजनाओं हर घर नल का-जल और पक्की गली-नाली योजना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया गया है। साथ ही साथ अदालत ने इसके लिए गठित वार्ड विकास समिति को भी रद्द करते हुए इस योजनाओं के कार्यान्वयन में खर्च की जाने वाली राशि खर्च पर भी प्रतिबंध लगा दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि 14 वें वित्त आयोग से मिली राशि को मुख्यमंत्री के सात निश्चिय  योजना पर खर्च किया जा रहा था।
जिसमें इन दोनों योजनाओं पर 14वां वित्त आयोग से मिली राशि का 80 फीसदी
खर्च किया जाना था। हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद अब इन योजनाओं का पूरा अधिकार पंचायतों के पास चला जायेगा। गैरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर की देखरेख में 7 निश्चय योजना की शुरुआता की गयी थी। जिसके तहत इन लक्ष्यों को पूरा करने का संकल्प लिया गया था। सात निश्चय योजना में सड़को को बनाने तथा ठीक करने के लिए 78,000 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया था। इस योजना के अंतर्गत जितनी भी गॉवो की सड़के है उनको ठीक से बनांया जाना था। लोक सभा के आदेश से केंद्र सरकार ने बिहार में 1548 सड़क बनाने का
आदेश दिया है। इय योजना के अनुसार सभी घरो में बिजली और इसके साथ साथ
लगातार बिजली आने के लिए भी राशि दी गयी थी। इस योजना में बिहार सरकार ने अगले 5 साल में साफ पानी की पाइप लाइन बछाने की योजना बनायी थी जिससे की हर घर मे साफ पानी पहुंच सके।  इसके अलावा बिहार सरकार ने 165 लाख रूपये गामीण और शहरी इलाको में शौचालय निर्माण करने की भी योजना बनायी गयी थी। बजट में सरकार एक स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड बनाने की भी योजना थी जिसमे विद्यार्थियों को पढाई के लिए 4 लाख तक का लोन देने का प्रावधान किया गया था।  साथ ही बिहार सरकार ने 250 लाख रूपये संस्थान के लिए उपलब्ध कराये थे जिससे की 38 जिलो में नये संस्थान खोलकर विद्यार्थियों को कंप्यूटर लैंग्वेज और स्किल डेवलोपमेन्ट के प्रशिक्षण
की योजना थी। सरकार ने इस योजना के लिए बजट में नर्सिंग कॉलेज से अलग 5 मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना थी और इसमें साथ साथ एक इंजीनियरिंग कॉलेज हर एक जिले में खोलने की योजना बनायी गयी थी। वहीं मुख्यमंत्री के सात निश्चिय योजना के अन्तर्गत महिलायो को सरकारी नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया गया था।

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