Home Big Grid रेलपटरी पर उतरे लोग,किया प्रदर्शन, मंत्री के कार्यक्रम का करेंगे विरोध

रेलपटरी पर उतरे लोग,किया प्रदर्शन, मंत्री के कार्यक्रम का करेंगे विरोध

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रेल परिचालन के लिए धरना पर बैठी जनता

रक्सौल -नरकटियागंज रेलखंड पर परिचालन नहीं होने से विरोध 

विजय कुमार,रक्सौल. पूर्व मध्य रेल के रक्सौल-नरकटियागंज वाया सिकटा रेलखंड के अमान परिवर्तन को लेकर रेल परिचालन में हो रहे अघोषित विलम्ब से बौखलाए लोगों ने शुक्रवार को सिकटा स्टेशन पर रेल विभाग के खिलाफ सत्याग्रह का आगाज कर दिया। स्थानीय लोगों ने अमन परिवर्तन व रेल परिचालन में हो रहे विलम्बे से जबरदस्त गुस्सा देखा जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियो के मुताबिक,शनिवार को बेतिया में आहूत रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के कई रेल परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम में सिकटा रेलखंड की उपेक्षा से आहत लोग उग्र हो गए और देखते-ही-देखते एक जबरदस्त भीड़ तैयार हो गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस रेलखंड पर परिचालन शुरू नहीं किया गया तो उद्घाटन कार्यक्रम में मंत्री के समारोह के दौरान विरोध प्रदर्शन किया जायेगा.

इसके बाद लोग स्थानीय राजद के पूर्व प्रखण्ड अध्यक्ष सुरेशचन्द्र प्रसाद,नेता रामभरद्वाज सिंह,जदयू के मो.जावेद अख्तर,वार्ड सदस्य सुरेन्द्र केशरी आदि के नेतृत्व में जमकर प्रदर्शन किया गया और रेल प्रशासन के विरुद्ध नारे लगाये।आंदोलनकारियों ने चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष को याद कर आंदोलन का शंखनाद सत्याग्रह से ही किया व सिकटा स्टेशन परिसर में एक दिवसीय सांकेतिक धरना भी दिया। रेल निर्माण विभाग व संवेदकों की मिलीभगत के कारण निर्माण कार्य की धीमी रफ़्तार ने स्थानीय लोगों में असंतोष का बीजारोपण कर दिया है।अब स्थानीय नेताओं की भी तंद्रा भंग हुई है और उनमें सबसे बड़ी स्थानीय समस्या बनी रेल परिचालन को पुर्नरबहाल करने की चुनौती मिली है। परिणामस्वरूप, पहली कड़ी में सिकटा रेलवे स्टेशन पर एक दिवसीय धरना देकर आंदोलन की पृष्ठभूमि के साथ ही रेल प्रशासन को कड़ी चेतावनी दे दी है। इस मौके पर रेल प्रशासन के खिलाफ बिना बुलाये बढ़ती भीड़ ने स्थानीय लोगों की सक्रियता को बयां कर दिया। बताते है कि वर्ष 2013 से ही इस रेलखंड पर सीधी आवाजाही को ठप किया गया और 2015 से पूरी तरह रेल परिचालन ठप कर आमान परिवर्तन यथाशीघ्र कराने की घोषणा हुई। जो महज हवा हवाई साबित हुई।इसके बाद के दिनों में छपरा-थावे रेलखंड पर आवाजाही बन्द किया गया।बावजूद,इस रेल खण्ड पर यात्री सेवा बहाल कर दी गयी है।इस रेलखंड पर रेल परिचालन ठप होने से आसपास के ग्रामीणों के अलावा सुदूर नेपाल के यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिकटा से रक्सौल या सिकटा से नरकटियागंज आने जाने के लिये लोग जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को विवश है।इस दोनों सड़क मार्ग की स्थिति इतनी जर्जर है कि सड़क पर गड्ढा है या गड्ढे में सड़क पहचान करना मुश्किल है।इसके कारण आये दिन लोगों के दोपहिया चारपहिया वाहन क्षतिग्रस्त होते रहते है।इधर,रेल निर्माण विभाग की माने तो इस ररलखण्ड पर एक साल पहले ही रेल ट्रायल कराया जा चूका है।रेल ट्रैक बनकर तैयार है लेकिन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म निर्माण व कुछ पुलियों के निर्माण में अनियमितता व गड़बड़ी के कारण रेल परिचालन प्रभावित है।फलतः स्थानीय नेताओं ने स्पष्ट तौर पर रेल विभाग को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अबिलम्ब इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन नही शुरू हुआ तो स्थानीय निर्माण ठेकेदारों को काम रोको प्रस्ताव के यहां से भगा दिया जायेगा और अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन के साथ ही चरणवद्ध आंदोलन चलाया जायेगा।इसकी सारी जबाबदेही रेल प्रशासन को होगी।। आगाज करा दिया है। प्रदर्शनकारियों में रविन्द्र कुमार,ब्रजकिशोर शर्मा,अकबर मिया,रामबाबू प्रसाद,म.युनुस,बिरेन्द्र प्रसाद,सोनू कुमार सहित दर्जनों लोग शामिल हुए।

आंदोलन की जानकारी ले रहे हैः डीआरएम
इस बाबत पूछे जाने पर मंडल रेल प्रबंधक रविन्द्र जैन ने बताया कि आमान परिवर्तन का कार्य निर्माण विभाग के अंतर्गत आता है इसलिए कुछ भी कहना मेरे लिए जल्दबाजी होगी।नागरिकों के आंदोलन के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहा हूँ।

 

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