Home Big Grid जंक्शन जहां महिलओं को  शौच के लिए ट्रेन का रहता है इंतजार

जंक्शन जहां महिलओं को  शौच के लिए ट्रेन का रहता है इंतजार

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गांधी के चंपारण सत्याग्रह वर्ष पर आनेवाले यात्री होंगे निराश

एसएन सिंह, नरकटियागंज. नरकटियागंज रेलवे जंक्शन. यहां पर चार रूटों से आनेवाली एक्सप्रेस व सवारी गाड़ियों का ठहराव होता है. 25-30 हजार यात्री यहां से हर दिन सफर करते हैं. स्टेशन की स्थिति ऐसी है कि किसी महिला को शौच जाना होता है तो वह ट्रेन के आने का इंतजार करती है. ट्रेन आने के बाद जितनी देर ट्रेन का ठहराव होता है महिलाएं ट्रेन में ही जाकर शौच क्रिया से निवृत होती है. यह स्थिति महिला, पुरुष, वृद्ध और बच्चों के साथ हर दिन घटती है. सबसे बड़ी बात है कि राज्य सरकार अप्रैल से चंपारण सत्याग्रह वर्ष मनाने जा रही है. महात्मागांधी के आंदोलन की भूमि भितहरवा आश्रम  जाने के लिए यात्रियों को इसी स्टेशन पर उतरना होगा. बाहर से आनेवाले यात्रियों को नागरिक सुविधओं को लेकर घोर निराशा हाथ लगेगी.

नरकटियागंज जंक्शन को ए ग्रेड का दर्जा प्राप्त है पर यहां नागरिक सुविधा के नाम पर न तो पर्याप्त शौचालय है और नही पेयजल की सुविधा. इस जंक्शन से वाया गोरखपुर दिल्ली व लखनऊ के लिए एक्सप्रेस ट्रेन गुजरती है. इसी तरह से वाया मुजफ्फरपुर कोलकाता के लिए एक्सप्रेस  ट्रेन जाती है. जंक्शन  से  नेपाल की पहाड़ी भिखनाठोड़ी  को जोड़ती है जबकि वाया रक्सौल होते हुए दरभंगा और समस्तीपुर रुट पर ट्रेनों का परिचालन किया जाता है. फिलहाल भिखनाठोड़ी और रक्सौल रूट पर ट्रेनों का परिचालन अभी ठप है. अपने परिवार के साथ सफर करनेवाले यात्री संजय तिवारी, राजेश कुमार, योगेंद्र ने बताया कि स्टेशन पर नागरिक सुविधा नहीं है. शौचालय है पर वहां पर गंदगी और तीन सीट होने के कारण कोई उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहता. यहां पर हर दिन यह समस्या होती है. प्रतिक्षालय है पर वहां पर न तो शौचालय है और नहीं पेयजल की सुविधा है. एक शौचालय है जो गोरखपुर की ओर जानेवाले स्टेशन छोर पर स्थित है. यात्री प्रतीक्षालय के किसी यात्री को अगर शौच के लिए जाना हो तो उसे प्लेटफार्म टिकट लेकर ही 500 मीटर दूर स्टेशन के दूसरे छोर पर जाना पड़ता है. सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को लेकर  होती है. दूसरे छोर पर शौच के लिए जाने से कभी-कभी ट्रेन भी छूट जाती है.

स्टेशन पर हर दिन रिजर्वेशन काउंटर पर हंगामा होता है. एक शिफ्ट में रिजर्वेशन काउंटर खुलता है पर हर दिन यात्री अभी कतार में ही रहते है कि रिजर्वेशन काउंटर बंद हो जाता है. टिकट काउंटर के पास दिव्यांगों के लिए काउंटर है पर वह कभी नहीं खुलता. ऐसी स्थिति में दिव्यांग कभी-कभी बिना टिकट यात्रा करने पर विविश हो जाते हैं. जंक्सन से प्रति दिन लगभग औसतन 4600 सौ यात्री टिकट कटाते है. इससे 2,72,825 का राजस्व प्राप्त होता है. इसी तरह औसतन 100-125 यात्रियों द्वारा हर दिन  रिजर्वेशन कराया जाता  हैं जिससे  रेलवे को 1,12,500 रुपये का राजस्व प्राप्त होता है. यहां से चार जोड़ी सवारी  गाड़ी गोरखपुर और चार जोड़ी सवारी गाड़ी मुजफ्फरपुर के लिए रवाना होती है. इसके अलावा 13 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेन स्टेशन होकर गुजरती है. इसमें कमाख्या-कटरा एक्सप्रेस, सत्याग्रह एक्सप्रेस, सप्तक्रांति एक्सप्रेस, बापूधाम-मडुआडीह एक्सप्रेस, अमरनाथ एक्सप्रेस, पोरबंदर एक्सप्रेस,सहरसा-आनंद विहार एक्सप्रेस, जननायक एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस, पूर्वांचल एक्सप्रेस, चंपारण एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस और मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज एक्सप्रेस शामिल है. सबसे बड़ी बात है राज्य सरकार चंपारण शताब्दि वर्ष मना रही है.

इस रेलवे स्टेशन से उतरकर ही महात्मागांधी की कर्मभूमि भितिहरवा आश्रम जाया जाता है. इस शताब्दी वर्ष के मौके पर महात्मागांधी के सत्याग्रह वर्ष पर कोई यात्री बाहर से नरकटियागंज रेलवे स्टेशन पर आता है तो उसको इन समस्याओं से रूबरू होना पड़ेगा. इधर स्टेशन अधीक्षक लाल बाबू राउत ने बताया कि नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए ऊपर पत्र भेजा गया है. उम्मीद है कि यहां पर नागरिक सुविधाओं में विस्तार जल्द  होगा.

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