Home एक्सक्लुसिव सेवानिवृत आइपीएस राज्यवर्धन शर्मा से सीखे असली वेलेंटाइन क्या है

सेवानिवृत आइपीएस राज्यवर्धन शर्मा से सीखे असली वेलेंटाइन क्या है

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वरिष्ठ पत्रकार  विनायक विजेता के फेसबुक से वाल से

‘वेलेंटाइन’क्या होता है, कोई राज्यवर्धन शर्मा से सीखे
10 वर्षों से कोमा में पड़ी पत्नी की कर रहे दिल से सेवा
बिहार कैडर के रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी हैं श्री शर्मा

आज ‘वेलेंटाइन-डे’ है। नई पीढ़ी के युवा में इस दिवस का एक खास आकर्षण और महत्व होता है। वेलेंटाइन के मौके पर प्यार का इजहार करने के अलग – अलग तरीके हैं। वेलेंटाइन का मतलब होता है नि:कपट प्यार! यूं तो इस दिवस को साल में एक दिन यानी 14 फरवरी को ही मनाते हैं पर बिहार में एक ऐसे रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी हैं जिनकी कोमा में पड़ी पत्नी के लिए उनके द्वारा पत्नी की की जा रही सेवा उनके लिए सालों वेलेंटाइन-डे के समान तो है ही नई पीढ़ी के युवाओं और युवा दंपत्तियों के लिए एक प्रेरणा और उदाहरण भी है। ये अधिकारी हैं 1980 बैच के बिहार कैडर के रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी राज्यवर्धन शर्मा। पुलिस विभाग में रहते हुए राज्यवर्धन शर्मा को एक कड़क पर इमानदार छवि वाला अधिकारी माना जाता रहा पर इस अधिकरी के सीने में कितना दर्द छिपा है यह कोई नहीं जानता। यहां तक कि आजतक उन्होंने अपना व्यक्तिगत दर्द और व्यक्तिगत परेशानियों को भी किसी से शेयर नहीं किया।

 

पटना में ही पदस्थापना के दौरान वर्ष 2007 में राज्यवर्धन शर्मा की धर्मपत्नी को पारालाइसिस अटैक हुआ जिसके कुछ दिन बाद ही वह कोमा में चली गर्इं। उस वक्त राज्यवर्धन शर्मा का एकमात्र पुत्र व पुत्री अमरिका में पढ़ाई कर रहे थे। बच्चों की पढ़ाई डिस्टर्ब नहीं हो इस कारण राज्यवर्धन शर्मा ने तब बच्चों को इसकी कोई जानकारी दिए बिना इस विश्वास के साथ पत्नी की सेवा में जुटे रहे कि आज न कल उनकी पत्नी ठीक हो जाएगी। पटना के जोनल आईजी सहित कई प्रमुख पदों पर रहने और सरकारी काम के बोझ के वावजूद पत्नी सेवा राज्यवर्धन शर्मा की दिनचर्या बनी रहीं। सुबह उठकर बिछावन पर ही कोमा में पड़ी अपनी पत्नी को नित्यकर्म से फारिग करवाना, उनका मुंह हाथ धोकर पाइप के सहारे पेट तक तरल पदार्थ पहुंचाने के बाद ही राज्यवर्धन शर्मा कार्यालय के लिए निकलते रहे। दोपहर लंच टाइम और शाम में वापस आवास आने के बाद उनका अधिकांश समय पत्नी की सेवा में ही बीतता रहा। पत्नी को कोमा स्थ्किति में रहते हुए राज्यवर्धन शर्मा ने अमरिका में लेक्चरर अपने पुत्र और वहीं चिकित्सक अपनी बेटी की शादी पटना से की पर दुर्भाग्य की कोमा में पड़ी उनकी पत्नी न तो अपनी बहू के बारे में कुछ जान सकीं और न ही दामाद के बारे में न ही उनका चेहरा देख सकीं। राज्यवर्धन शर्मा की पत्नी आज भी उसी स्थिति में हैं जिस स्थिति में वह दस साल पूर्व थीं। पर एक पति के रुप में राज्यवर्धन शर्मा आज भी अपने दायित्वों का पालन कर रहे हैं। अभी जबकि राज्यवर्धन शर्मा अमरिका में हैं उनकी बूढ़ी मां अपने पतोहु की सेवा कर रही हैं। पिछले दस वर्षों से बिछावन पर जिन्दा लाश बनकर रह रही उनकी पत्नी और राज्यवर्धन शर्मा बिहार ही नहीं पूरे देश की युवा पीढ़ी के साथ साथ वैसे दंपत्तियों के लिए एक मिशाल हैं जो सही मायने में ‘वेलेंटाइन’ का अर्थ समझना चाहते हैं। पिछले दस वर्षों से कोमा में पड़ी एक नेक दिल इंसान की पत्नी अगर आज भी जिन्दा हैं तो उसका कारण है पति द्वारा की जा रही अनवरत सेवा और पत्नी के प्रति उनका अपार स्नेह और प्यार! वेलेंटाइन-डे के अवसर पर ऐसे अधिकारी के जज्बे को हमारा सलाम और भगवान से यह प्रार्थना कि कोई चमत्कार हो और एक रिटायर्र्ड अधिकारी और उनके परिवार के चेहरे की खुशियां फिर से वापस लौट आए।

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